Join Sai Baba Announcement List


DOWNLOAD SAMARPAN - Nov 2018





Author Topic: अपने मन का साई  (Read 136988 times)

0 Members and 1 Guest are viewing this topic.

Offline vishwa

  • Member
  • Posts: 13
  • Blessings 0
Re: अपने मन का साई
« Reply #90 on: September 09, 2010, 11:24:33 PM »
  • Publish
  • sai baba aap hai to mera kabi bura nehi ho sakta hai sai baba

    o m sai ram

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #91 on: January 10, 2011, 09:51:45 AM »
  • Publish
  • जय सांई राम।।।

    मेरे मन के सांई ने आज मुझसे कहा - सच बोलने मे थोड़ी सी परेशानी जरुर होती है पर बाद मे जब सब कुछ ठीक हो जाता है तो मज़ा आने लगता है . फिर तो ऐसी आदत हो जाती है कि चाहे सच कितना ही कड़वा क्यूं ना हो मुह से सच ही निकलता है. मेरा अपना अनुभव रहा है कि एक झूठ बोल दो फिर ये सिलसिला चलता ही चला जाता है.

    क्यूं सच है ना ????

    अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांई

    ॐ सांई राम।।।



    Speak the Truth and Truth alone

    Sai baba

    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.omsairam
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #92 on: January 23, 2011, 03:54:47 AM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Deva mere to aap hi ho  ;D


    What whether good or bad belongs to us is with us what with others its with them

    Sai baba


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #93 on: January 25, 2011, 01:25:44 AM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Deva sometimes you force bitter medicines through our throats  >:(

    May be for our Good health   ;D




    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM

    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #94 on: January 25, 2011, 05:56:44 PM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Deva commoners cant crack jokes   >:(

     ;D


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #95 on: January 26, 2011, 07:50:54 PM »
  • Publish
  • Deva came to know OMSAIRAM wale ache nahi hain


    what whether good or bad belongs to us is with us what with others its with them


    Deva we are all your kids


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM


    « Last Edit: January 26, 2011, 07:53:48 PM by diPika »
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #96 on: January 27, 2011, 09:33:57 AM »
  • Publish
  • Baba tere charanoo ki Sai tere char anon ki

    agar dhool jo mil jaaye sach kahthaa hoon

    bas apnee thakdeer badal jaaye |

    soonte hei teri rahamat din raat barastee hei,

    is dayaa ke saagar se ek boond jo mil jaaye



    http://www.saikrupa.org/sai_amrit_vani.htm


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #97 on: January 27, 2011, 11:06:20 PM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Deva i always says you are my Everything,you know what is best for me.

    You give me experiences of life which brings me closer to you  ;D


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM
    « Last Edit: January 28, 2011, 09:24:00 AM by diPika »
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #98 on: January 28, 2011, 09:31:45 AM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Deva i wish i could be a flower placed on your holy lotus feet  ;D






    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM

    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #99 on: January 30, 2011, 04:25:23 AM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Deva you seem to be telling me all these trials will bring me closer to you.

    The more i seek you,closer i come 2 u


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline SaiSevak!9

    • Member
    • Posts: 852
    • Blessings 0
    • The Darkest Skies Have The Brightest Stars!
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #100 on: April 19, 2011, 10:52:45 PM »
  • Publish
  • diPika

    OMSAIRAM!Deva i wish i could be a flower placed on your holy lotus feet

    ^
    This line is such b'ful!! Immensely b'ful!!
    When we help others in pain n help the needy, baba adds it to our account in his 'Bank of Blessings'.If we add our good karmas this way,we are actually helping Sai to use it and at the time of need - Quote from Star Sai

    Before Asking Sai That What He's Doing To Keep Us Happy,Ask Yourself That What You Are Doing To Keep Sai Happy?!

    Lastly,
    You Are The Cutest Sai!! :D

    Offline Pratap Nr.Mishra

    • Moderator
    • Member
    • *****
    • Posts: 965
    • Blessings 4
    • राम भी तू रहीम भी तू तू ही ईशु नानक भी तू
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #101 on: May 26, 2011, 05:26:40 PM »
  • Publish

  • साईं  राम

    रविजी नमस्कार ,

    बाबा की अनुकम्पा से आपने और संस्थान ने मुझे अन्य सदश्सो से परिचय करवाया इसके लिए तहे दिल से सबको
    धन्यबाद देता हु  , आज बाबा के चरणों में प्रणाम करते हुए और उनसे आज्ञा एवम आशीर्वाद लेते हुए कुछ सच प्रगट करना
    चाहता हु .

    मै काफी दिनों से कोई न कोई मेल या परचा बाबा के नाम का पा  रहा हु जिसमे बाबा की फोटो और कुछ चमत्कारिक
    घटनाओ का उन्लेख किया होता है .फिर उसमे ये लिखा होता है कि इसको आप आगे 20-30 या और अधिक लोगो तक फेलाए .

    मुझे बहुत ही प्रसंता होती है कि बाबा के विचारो को लोग फेलाने का प्रयास कर रहे है . पर ये खुसी  तभी ही समाप्त हो जाती
    है जब ये पढता हु कि अगर ये मेल या परचा नहीं आगे फेलाया तो धन सम्पति ,कारोबार, मान मर्यादा ,परिवार के प्रिय सदस्य से हाथ धोना पड़ेगा .

    बाबा तो सभी के लिए चिन्ता करते थे और करते है वो चाहे उनका उपासक हो या न हो . उन्होंने अपने जीवनकाल में लोगो के दुखों को अपनाया था . किसी पर  भी आई विपदा को वो खुद पर ले लेते थे . साईं सत्चरित के अनुसार उन्होंने तत्याजी की म्रत्यु को भी  अपने उपर ले लिया था ,जो सबके दुखों को हरते है वो अपने बच्चो को कैसे दुःख दे सकते है . क्या कोई पिता अपने बच्चो का अहित कर सकता है . बाबा तो  दुखहर्ता है ..

    बाबा ने सदा ही अन्धविस्वासो से दूर रहने की सलाह दी है और वो खुद भी समय -समय पर किसी भी अंधविश्वास को अपने
    अभूतपूर्व कर्यो द्वारा खंडन किया करते थे .

    मै ऐसे मेल या पर्चो को यही कह कर आगे फेलता हु की बाबा के विचारो और उनको वचनों को फेलाने कि कोशिस करिये नाकि दुष्प्रचार करके सचाई को छुपाने की.

    क्या मेरे द्वारा किया हुआ कार्य उचित है या अनुचित ?  आपके विचारो द्वारा ही मुझे ज्ञात होगा की मै इस मुहीम को आगे ले जाऊ या नहीं  और इस दुष्प्रचार को समाप्त करने की कोशिस करू या नहीं.

    मेरे विचार से बाबा के वचनों और उनके विचारो को फेलाने से मानव जाती का कल्याण ही होगा , बाबा ने सदा  इंसानियत का ही तो पाठ पडाया  है . उनके हर वचनों में कोई न कोई गूढ़  बाते छिपी होती है उन्ही को समाज में फेलाने से सारा समाज ही साईं -साईं हो सकता है . बाबा के विचारो से ही इंसानियत जो प्रय समाप्त होती हुई दिखती है फिर से लोगो में जागृत हो जाएगी .

    मै कोई लेखक या वक्ता नहीं हु. मुझे  भाषा का कोई ज्ञान नहीं है . मै तो एक बाबा का सेवक  हु .मेरे मन में जो आता गया मैंने  आपके सम्मुख रखने का प्रयास किया है . मुझसे कही कोई गलती हुई हो और जिसकी वजह से किसी भी को कोई दुःख पंहुचा हो तो मै छमापार्थी हु .

    आपके विचारो से अवगत करने का कष्ट करे .


    साईं राम

    Offline arti sehgal

    • Member
    • Posts: 1245
    • Blessings 5
    • sai ke charno me koti koti pranam
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #102 on: May 27, 2011, 02:18:19 AM »
  • Publish
  • sairam prataj ji
    you are saying true all such messages should not be send to anyone which distract thier minds .
    baba always loves his bhakta with true affectionate and blessings . you have done a great job by posting this message .
    jai sairam
    sabke dil me baste hi ushe sai sai kehte hai
    jai sainath

    Offline Dipika

    • Member
    • Posts: 13574
    • Blessings 9
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #103 on: June 13, 2011, 06:15:30 AM »
  • Publish
  • OMSAIRAM!Nanak Dukhiya sab sansar,show me one who is truly happy says Nanak

    Few days back my Maid lost her 28 yr old daughter,that day when i went to her house and saw her daughter's dead body and her lil 8 yr old daughter,and was in shock,there i saw Sai baba's photo.

    My maid came and cried on my shoulder,sab ne to jaana hai is what i felt.

    WHAT DO WE TAKE WITH US


    BABA bless her soul to rest in peace nd bless her lil one


    Sai baba let your holy lotus feet be our sole refuge.OMSAIRAM
    साईं बाबा अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण रहने दो.ॐ साईं राम


    Dipika Duggal

    Offline PiyaSoni

    • Members
    • Member
    • *
    • Posts: 7719
    • Blessings 21
    • ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ
    Re: अपने मन का साई
    « Reply #104 on: June 13, 2011, 06:17:22 AM »
  • Publish
  • Omsairam
    "नानक नाम चढदी कला, तेरे पहाणे सर्वद दा भला "

     


    Facebook Comments