Join Sai Baba Announcement List


DOWNLOAD SAMARPAN - Nov 2018





Author Topic: Choti Choti Jeevan Gaadi  (Read 6408 times)

0 Members and 1 Guest are viewing this topic.

Offline saibetino1

  • Member
  • Posts: 304
  • Blessings 1
Choti Choti Jeevan Gaadi
« on: March 23, 2007, 04:38:44 AM »
  • Publish
  • Om Sai ram Om Sai Ram..


              Choti choti jeevan gaadi,
               haath kabhi nahin aati hai ,
               Dur Dur bhag jaati hai ,
               kaise adbhudat  Gaadi hai .

           Choti Choti Jeevan gaadi
           Haath kabhi nahin aati hai.

            Agar Driver Shaintan  hoo tau
            Gadi nark ko jaati hai
            kaise adbhut gaadi hai -2.

         Choti Choti Jeevan gaadi
         Haath kabhi nahin aati hai.

             Agar Driver Ishewar hoo tau
             Gadi Swarg  ko jaati hai
             kaise adbhut gaadi hai -2.
         
         Choti Choti Jeevan gadi
         Haath kabhi nahin aati hai.


    sai sai sai
    neelam

    Offline Ramesh Ramnani

    • Member
    • Posts: 5501
    • Blessings 60
      • Sai Baba
    Re: Choti Choti Jeevan Gaadi
    « Reply #1 on: March 31, 2007, 11:31:10 PM »
  • Publish
  • जय सांई राम।।।

    कम है या गम है    
     
    सच में जीवन की छोटी सी गाड़ी में यात्रा करना अपने हाथ में है। इस यात्रा में हम सफर कैसे करते है ये मायने रखता है। खुश रहकर याँ हमेशा शिकायत करके। खुश रहकर यात्रा का आनन्द ही कुछ और है दूसरी तरफ हमेशा शिकायत करके जीने में जीवन-यात्रा का मज़ा ही जाता रहता है। फैसला सचमुच आपके हाथ में है। आप चाहें, तो पूरी उम्र गम के साथ गुजार सकते हैं। उन बातों का रोना रो सकते हैं, जिन्हें लाख हाथ-पांव मारने के बाद भी हासिल नहीं कर पाए। उम्र भर जो शिकायतें अपने पिटारे में बंद की हैं, उन्हें एक-एक करके बाहर निकालकर और फिर किसी और मौके के लिए दोबारा पिटारे में रख सकते हैं। नाकामियों और उनसे उपजी हताशाओं की एक लिस्ट बना सकते हैं और हर किसी के सामने उनका दुखड़ा रो सकते हैं। या यह कर सकते हैं कि आपको जो कुछ, जितना मिला है, ज्यादा मिला है या कम मिला है- उतने में ही संतुष्ट और खुश रह सकते हैं। मान लें कि जीवन में दो ही बातें संभव हैं। पहली, हमारे पास चीजें, सुविधाएं और सफलताएं कम होने के बावजूद प्रसन्न मन से जीवन जीया जाए। या फिर, सुख-सुविधाएं भरपूर होने के बाद भी जो नहीं मिला है, उसका अफसोस मनाया जाए। कहा ना, फैसला आपको करना है। दो ही विकल्प हैं : कम चीजें व सुविधाएं या फिर सुविधाओं के साथ ढेरों गम। चुनाव इन्हीं में से करना है। 

    अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांई

    ॐ सांई राम।।।
    अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी

     


    Facebook Comments