saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« on: September 13, 2007, 07:41:29 AM » |
|
हमारी मांगें पूरी करो हाथ जोड कर शीश झुका कर साई तेरे दर पर आकर बाबा करते हम अरदास रखना श्री चरणो के पास मागे हम आ हाथ पसारे जो हम चाहे देना प्यारे धन दौलत की नही है आस न ही राज योग की प्यास नहीं चाहिये महल चौबारे नहीं चाहिये वैभव सारे नहीं चाहिये यश और मान ना देना कोई सम्मान जो हम चाहें सुन लो दाता देना होगा तुम्हें विधाता खाली हम ना जायेंगे जो मान्गा सो पायेंगे हमको प्रभु प्रेम दो ऐसा शामा को देते थे जैसा हरदम रखो अपने साथ मस्तक पर धर कर श्री हाथ भक्ति हममे जगाओ वैसी जगाई मेधा मे थी जैसी भक्ति मे भूलें जग सारा केवल तेरा रहे सहारा महादान हमको दो ऐसा लक्श्मी शिन्दे को दिया था जैसा अश्टान्ग योग नवधा भक्ति साई सब है तेरी शक्ति सेवा का अवसर दो ऐसा भागो जी को दिया था जैसा चाहे कश्ट अनेक सहें श्री चरणों का ध्यान रहे निकटता दे दो हमको वैसी म्हाल्सापति को दी थी जैसी प्रभु बना लो अपना दास ह्रदय में आ करो निवास सम्वाद करो हमसे प्रभु ऐसे तात्या से करते थे जैसे सुख दुख तुमसे बांट सकें रिश्ता तुम से गान्ठ सके महाग्यान दो हमको ऐसा नाना साहेब को दिया था जैसा दूर अझान अन्धेरा हो जीवन में नया सवेरा हो वाणी दे दो हमको वैसी दासगणु को दी थी जैसी घर घर तेरा गान करें साई तेरा ध्यान धरें आशीश दे दो हमको ऐसा हेमाडपंत को दिया था जैसा कुछ हम भी तो कर जाऎं साईं स्तुति रच तर जाऎं महाप्रसाद हमको दो ऐसा देते राधा माई को जैसा हम भी पाऎं कॄपा प्रसाद शेश रहे ना कोई स्वाद आधि व्याधि हर लो ऐसे काका जी की हरी थी जैसे शेश रहे ना कोई विकार दुर्गुण , दुर्मन दुर्विचार मुक्ति देना हमको वैसी बालाराम को दी थी जैसी श्री चरणों में डालें डेरा जन्म मरण का छूटे फेरा जो मांगा है नहीं असंभव तुम चाहो तो कर दो संभव विनती ना ठुकराओ तुम बच्चों को अपनाओ तुम माना दोश घनेरे हैं बाबा फिर भी तेरे हैं दो हमको मनचाहा दान भक्तों का कर दो कल्याण saisewika http://www.shirdi-sai-baba.com/sai/कविताये/हमारी-मांगें-पूरी-करो-t33.0.html
|
|
|
|
« Last Edit: December 21, 2007, 09:32:27 AM by Jyoti Ravi Verma »
|
Logged
|
|
|
|
Ramesh Ramnani
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 5511
|
 |
« Reply #1 on: September 15, 2007, 10:11:07 AM » |
|
जय सांई राम़।।।
बहुत बढ़िया। अति सुन्दर। वाह क्या बात है।।
सेवा का अवसर दो ऐसा भागो जी को दिया था जैसा चाहे कष्ट अनेक सहें श्री चरणों का ध्यान रहे.....
ॐ सांई राम।।।
|
|
|
|
|
Logged
|
अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी
|
|
|
saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« Reply #2 on: September 15, 2007, 10:17:32 AM » |
|
OM SAI RAM Thank you Rameshji
Kash baba isme se ek maang bhi poori kar de to yeh jeevan safal ho jaaye.
JAI SAI RAM
saisewika
|
|
|
|
|
Logged
|
|
|
|
Ramesh Ramnani
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 5511
|
 |
« Reply #3 on: September 15, 2007, 11:59:03 PM » |
|
JAI SAI RAM!!!
"I believe that nothing in life is unimportant every moment can be a beginning. So keep putting one foot in front of the other, and taking your life day by day."
OM SAI RAM!!!
|
|
|
|
|
Logged
|
अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी
|
|
|
Jyoti Ravi Verma
Global Moderator
Member
Offline
Posts: 4611
सांई की मीरा
|
 |
« Reply #4 on: September 17, 2007, 12:28:55 AM » |
|
वाह वाह अति सुंदर, मजा आ गया बहुत दिनों क बाद
|
|
|
|
|
Logged
|
|
|
|
saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« Reply #5 on: September 17, 2007, 07:34:06 AM » |
|
OM SAI RAM Tanaji
JEEVAN YE AMULYA DHAN HUA JAATA HAI BEKAAR SAI JI SUNTE NAHI KABSE RAHI UNHE PUKAAR EK DIN SUNAINGE BABA, MAN ME PUKKA HAI VISHWAAS DARSHAN DAINGE BABA MERE, POORI HOGI MERI AAS
ISI AAS ME BABA SAI, MAIN TO JIYE JAATI HOON BAAR BAAR APNE MAN KO, MAIN YAHI SAMJHAATI HOON KAHIN KAMI MUJH ME HI HAI, JO BABA AATE NAHI DOSH NAINO KA HI HAI JO SAI DARAS PAATE NAHI
HAI MERE SAI BAGWAAN,VINTI KARTI BAARAMBAAR IN NAINO KI PYAAS BUJHAADO. AAN PADI HOON TERE DWAAR
JAI SAI RAM
saisewika
|
|
|
|
|
Logged
|
|
|
|
Ramesh Ramnani
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 5511
|
 |
« Reply #6 on: September 18, 2007, 08:59:30 AM » |
|
जय सांई राम।।।
ये चन्द शेर मेरे उन भाई बहनों के लिये जो इन्तज़ार में हैं कंही ना कंही, किसी ना किसी बात के पूरा होने के लिये। बाबा हैं ना फिर काहे का ग़म है? थोड़ा सब्र थोड़ा सबूरी ही तो चाहते है मेरे बाबा सांई। रुको, थमों और गौर करो।
हारना ना कभी कि तू किसी की हिम्मत है हर ख्वाब सजाने से पहले 'उसे' तेरी याद आती है उम्मीदें यूँही टूटें नही दोस्त कि कटी शाख पे भी कंही एक बीज होता है
सपने और आंसू दोनो अपने हैं उन्हें साथ लेकर सब चलते हैं तू क्यों रुका है आंसू देखकर बना ले उम्मीद की राहें कि तुझे आगे बढ़ना है
दूर है फिर भी तेरी याद 'मेरे' संग है किनारे पे कभी कभी लहरें आती है खता ना करना कभी खुद से कि तेरे आंसू 'मेरी' सबसे बड़ी हार है।
http://www.shirdi-sai-baba.com/sai/कविताये/हारना-ना-कभी-कि-तू-किसी-की-हिम्मत-है-t51.0.html ॐ सांई राम।।।
|
|
|
|
« Last Edit: December 25, 2007, 02:17:52 AM by Jyoti Ravi Verma »
|
Logged
|
अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी
|
|
|
saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« Reply #7 on: September 18, 2007, 09:49:18 AM » |
|
ओम साई राम Tanaji, Rameshji मैं इक अधम पापी प्राणी तन मन भरा विकार ना सपने में साई आते, ना करते स्वीकार आप सरीखे भक्त जनों से शायद मैं कुछ पाऊं झांक सकूं कभी अपने भीतर ऐसी क्षमता लाऊं मोह माया में फंसी पडी मैं, इतना भी ना जानू अन्तर्मन में साई बैठे, कैसे उन्हें पहचानू हे साई जी कृपा करो अब, अधम जीव को तारो जैसी भी हूं तेरी ही हूं, अब तो मुझे स्वीकारो परम दयालु दया करो अब, मेरे सपने में आओ तुमको अन्दर बैठा देखूं, चमत्कार दिखलाओ JAI SAI RAM saisewika http://www.shirdi-sai-baba.com/sai/कविताये/मैं-इक-अधम-पापी-प्राणी-तन-मन-भरा-विकार-t34.0.html
|
|
|
|
« Last Edit: December 21, 2007, 09:34:01 AM by Jyoti Ravi Verma »
|
Logged
|
|
|
|
tana
eX-Contributor
Member
Offline
Posts: 7074
~सांई~~ੴ~~सांई~
|
 |
« Reply #8 on: September 19, 2007, 05:00:19 AM » |
|
ॐ सांई राम~~~
मैं क्या मागूं आप से आप की कृपा के सिवा, सब कुछ दिया आप ने सिर्फ एक झलक के सिवा, दया कीजिए बुला लीजिए और कुछ नहीं चाहती सिर्फ दर्शन के सिवा~~~
चाह जिसे कहते है , बच्चे का खिलौना है , मिल जाए तो मिट्टी है ,खो जाए तो सोना है~~~
जय सांई राम~~~ http://www.shirdi-sai-baba.com/sai/कविताये/मैं-क्या-मागूं-आप-से-t35.0.html
|
|
|
|
« Last Edit: December 21, 2007, 09:35:11 AM by Jyoti Ravi Verma »
|
Logged
|
"लोका समस्ता सुखिनो भवन्तुः ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः"
" Loka Samasta Sukino Bhavantu Aum ShantiH ShantiH ShantiH"~~~
May all the worlds be happy. May all the beings be happy. May none suffer from grief or sorrow. May peace be to all~~~
|
|
|
saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« Reply #9 on: September 19, 2007, 02:23:26 PM » |
|
OM SAI RAM
Birhan ka dukh birhan jaane Dooja na usko pehchaane tere dwaare aan pade hum sai tu maane na maane
maaph karo sewak ko swami agar bhool hui anjaane jhalak dikha de, pyaas bujha de to hum tera loha maane
JAI SAI RAM
saisewika
|
|
|
|
|
Logged
|
|
|
|
Ramesh Ramnani
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 5511
|
 |
« Reply #10 on: September 20, 2007, 04:39:19 AM » |
|
जय सांई राम।।।
ZINDAGI KE HAR PEHLU KE DO MAYNE HOTE HAIN !! YEH TUMHARA PHAISLA HAI KI TUM KAUN SA APNAOGE !! GHUMON KO APNAKER BERANG BANOGE !! KHUSHIYAN CHUNKER SADA MUSKURAOGE !! ZINDAGI TO JAISE EK AAYINA BAN CHUKI HAI !! JIS TARAH DEKHOGE, SAMNE BHI WOHI PAOGE !! HUM YE NAHI KEHTE KE GHUM NAHI AYENGE KABHI !! MAGAR AAP KHUSH RAHOGE TO UNHEN BHI HARA PAOGE !! ZINDA DIL BANKER DEKHO YEH DUNIYA !! JAHAN JAOGE WAHAN KHUSHIYAN HI PAOGE !!
ॐ सांई राम।।।
|
|
|
|
|
Logged
|
अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी
|
|
|
saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« Reply #11 on: September 20, 2007, 02:51:59 PM » |
|
OM SAI RAM
HUM JO SAI SAI KI RAT LAGAATE HAIN LOG HAME DIWANA BATAATE HAIN PAL BHAR RUK KAR KOI HAAL TO POOCHHTA HI NAHI AATE JAATE HAMAARI KHILLI HI UDADE HAIN
KOI KAHATE HAIN KI HAMAARI AOUKAAT KYA HAI WOH TO KUCHH KHAS HAIN JO SAI JI KO BHAATE HAIN HAME AB LAGTA HAI KI WOH SACH KAHATE HAIN VARNA SAI HAME ITNA KYUN TARSAATE HAIN
JAI SAI RAM
saisewika
|
|
|
|
|
Logged
|
|
|
|
tana
eX-Contributor
Member
Offline
Posts: 7074
~सांई~~ੴ~~सांई~
|
 |
« Reply #12 on: September 23, 2007, 06:01:29 AM » |
|
ॐ सांई राम~~~
वो आए रूके कुछ पल , झाका और चल दिए, मैं दौङी पीछे पकङा हाथ, और हैरानी से पूछा कहां चल दिए वो बोले बङे दुखी मन से ...अरे पगली तुने की थी पुकार ति में दौङा चला आया, पर लगा जब अंदर आने, तो देखा मैने कि भीङ है लगी हुई सभी ने है डेरा जमाया, मैं बैठू कहां ये बता मुझको क्या है तेरे मन में मेरा ठिकाना तू जब पुकारें मुझे मैं दौङा चला आता हूँ पर तू तो ये भी ना जाने कि है मुझे कहां बिठाना इस भीङ कि कुछ कम कर कर साफ मेरी जगह को फिर बुला मुझे फिर देख कभी ना होगा वापस जाना मैं हो गई शर्मिदां इस सच को जान कर कि मैने की पुकार वो आ भी गए पर कभी नहीं सोचा कि है उन्हे कहाँ बिठाना!!!!
जय सांई राम~~~http://www.shirdi-sai-baba.com/sai/कविताये/वो-आए-रूके-कुछ-पल-झाका-और-चल-दिए-t36.0.html
|
|
|
|
« Last Edit: December 21, 2007, 09:36:27 AM by Jyoti Ravi Verma »
|
Logged
|
"लोका समस्ता सुखिनो भवन्तुः ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः"
" Loka Samasta Sukino Bhavantu Aum ShantiH ShantiH ShantiH"~~~
May all the worlds be happy. May all the beings be happy. May none suffer from grief or sorrow. May peace be to all~~~
|
|
|
Ramesh Ramnani
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 5511
|
 |
« Reply #13 on: September 23, 2007, 08:53:29 AM » |
|
जय सांई राम़।।।
बरसों से खडे हैं हम राह पर 'उनके' इन्तजार में उम्मीद है 'वह' कभी आएंगे हमारा काम है इन्तजार करना तय 'उनको' करना है कि कब हमारे यहां आएंगे
ॐ सांई राम।।।
|
|
|
|
« Last Edit: December 21, 2007, 09:50:43 AM by Jyoti Ravi Verma »
|
Logged
|
अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी
|
|
|
saisewika
DwarkaMai Helpers
Member
Offline
Posts: 1043
|
 |
« Reply #14 on: September 24, 2007, 07:07:12 AM » |
|
OM SAI RAM
INTJAAR HUMNE KIYA AANKHO ME AANSU LIYE HAJJARO MINNATE KI USNE NA IKRAAR KIYE
HAATH JUDE HAI HONTHHO PAR FARIYAAD HAI AANKHE PATHRAI HAI PAR HASRATE AABAAD HAI
AB TO YAAD HAME WOH TARANAA AATA HAI JISME IK MARATAA HUA AASHIK FARMAATA HAI-
KAAGA SAB TAN KHAIYO CHUN CHUN KHAIYA MAAS DO NAINA MAT KHAIYO JINHE PIYA MILAN KI AAS
AA JAO KI KAHIN AAS NA CHHUTE MERI THAAMO KI KAHIN HIMMAT NA TOOTE MERI
SUN LO PUKAAR BABA AB TO AA JAO MERE JIVAN KE ANDHERON PE SURAJ BAN CHHAA JAO
JAI SAI RAM
saisewika
|
|
|
|
|
Logged
|
|
|
|
|