Join Sai Baba Announcement List


DOWNLOAD SAMARPAN - Nov 2018





Author Topic: My dream kaash agar kaheen aisa hota  (Read 23929 times)

0 Members and 1 Guest are viewing this topic.

Offline saisewika

  • Member
  • Posts: 1549
  • Blessings 33
Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
« Reply #75 on: May 12, 2008, 09:04:02 AM »
  • Publish
  • ओम साईं राम

    धरती और अम्बर के बीच
    होती कोई जगह ऐसी
    जैसी मेरे मन ने सोची
    अद्भुत सुन्दर बिलकुल वैसी

    कोई वाहन यूं ही ऐसे
    वहां नहीं पहुंच पाता
    लेकिन सच्चे मन से चाह कर
    हर कोई वहां पहुंच जाता

    मेरे साईं वहीं रहते
    अपने सब भक्तों के संग
    दासगणु जी के कीर्तन का
    खूब जमा रहता वहां रंग

    बाबा जी का पूजन अर्चन
    होता रहता दिन और रैन
    सन्मुख साईंनाथ को पाकर
    धन्य धन्य हो जाते नैन

    सावधान हो सुन लो होती
    एक अजब वहां बात
    भक्ति भाव ज़रा सा कम
    या कम होते जज़्बात

    पलक झपकते ही मिट जाता
    सुन्दर सभी नज़ारा
    ना ही अद्भुत जगह वो दिखती
    ना ही साईं प्यारा 

    केवल सच्चे भक्तों का
    वहां आना जाना होता
    भक्ति भाव की गंगा में
    लगता निशदिन ही गोता

    काश अगर कहीं ऐसा होता
    हे साईं त्रिपुरारी
    सन्मुख दर्शन पाते नित्त नित्त
    तज के माया सारी

    जय साईं राम


    Offline tana

    • Member
    • Posts: 7074
    • Blessings 139
    • ~सांई~~ੴ~~सांई~
      • Sai Baba
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #76 on: May 19, 2008, 12:15:31 AM »
  • Publish
  • ॐ सांई राम~~~

    सांई , जब मैं देखू आप के हाथ,
    लंबी उगलियां प्यारे हाथ,
    इन हाथों में कैसी बरकत ,
    जब सिर पर आ जाए इक बार ,
    भर जाता उस का भंडार ,
    धन का भडारं तो सब भर देते,
    ये भरते मन का भंडार ,
    इन हाथों का अजब करिश्मा ,
    मैं जो महसूस करती हर बार ,
    जब ये मुझको छू जाते ,
    आँखों में भर जाता नीर ,
    रूह तक काँप उठती मेरी ,
    बस में नहीं रहता मेरा शरीर ,
    यूँ लगता सब कुछ मिल गया ,
    मिट जाती मन की हर पीर ~~~

    जय सांई राम~~~
    "लोका समस्ता सुखिनो भवन्तुः
    ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः"

    " Loka Samasta Sukino Bhavantu
    Aum ShantiH ShantiH ShantiH"~~~

    May all the worlds be happy. May all the beings be happy.
    May none suffer from grief or sorrow. May peace be to all~~~

    Offline saisewika

    • Member
    • Posts: 1549
    • Blessings 33
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #77 on: May 28, 2008, 03:51:35 PM »
  • Publish
  • ओम साईं राम

    दबे पांव जो दिन चढा
    कतरा कतरा ढल गया
    तुम बिन जितना बीता जीवन
    साईं रूह को खल गया

    कुछ हंसने में बीता जीवन
    कुछ रोने में चला गया
    जिन राहों से गुज़रा जीवन
    दे कर कुछ हलचल गया

    नाम जपा ना देह धारकर
    वक्त यूं ही बर्बाद किया
    पाया था जो शुभ कर्मों से
    ये जीवन निष्फल गया

    बस उतना ही जीया जीवन
    जिसमें तुमको याद किया
    बाकी तो बस व्यर्थ हुआ
    बीत यूं ही हर पल गया

    जय साईं राम

    Offline tana

    • Member
    • Posts: 7074
    • Blessings 139
    • ~सांई~~ੴ~~सांई~
      • Sai Baba
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #78 on: June 14, 2008, 11:56:10 PM »
  • Publish
  • ॐ सांई राम~~~

    सुख दुःख मैं सब दू बिसराएँ~~
    तेरी लगन की अलख जगाए~~~

    जिधर देखूं उधर मेरे सांई बस तू ही तू नज़र आए~~~
    बस तू ही तू नज़र आए~~~
    बस तू ही तू नज़र आए~~~
    बस तू ही तू नज़र आए~~~
    बस तू ही तू नज़र आए~~~

    जय सांई राम~~~
    "लोका समस्ता सुखिनो भवन्तुः
    ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः"

    " Loka Samasta Sukino Bhavantu
    Aum ShantiH ShantiH ShantiH"~~~

    May all the worlds be happy. May all the beings be happy.
    May none suffer from grief or sorrow. May peace be to all~~~

    Offline saisewika

    • Member
    • Posts: 1549
    • Blessings 33
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #79 on: July 31, 2008, 03:02:58 PM »
  • Publish
  • ॐ साईं राम

    साईं मेरे
    करुणाप्रेरे
    तुम पारस
    हम लोहा
    संग लगाकर
    मोल बढ़ा दो
    अधम जीव का देवा

    साईं स्वामी
    अन्तर्यामी
    तुम पानी
    हम मीन
    दूर करो ना
    ख़ुद से देवा
    मर जाएँगे दींन

    साईं दाता
    परम विधाता
    हम थके पिथक
    तुम तरुवर
    चरण शरण में
    दे दो स्थान
    दया करो हे गुरुवर

    दत्त दिगंबर
    पीर पैगम्बर
    हम चातक
    तुम बादल
    भक्ती रस की
    बूँद गिरा दो
    खड़े फैलाये आँचल

    दया निधान
    पुरुष महान 
    हम मलयुत
    तुम गंगा
    निर्मल कर दो
    पावन कर दो
    हे श्री सिच्च्दान्न्दा

    जय साईं राम
     
     


    Offline tana

    • Member
    • Posts: 7074
    • Blessings 139
    • ~सांई~~ੴ~~सांई~
      • Sai Baba
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #80 on: August 08, 2008, 08:45:28 PM »
  • Publish
  • ॐ सांई राम~~~

    ये पत्तियां ये घास प्यारी,
    हर कली हर डाली प्यारी,
    कितने शांत मुस्कुरा रहे है,
    वो कौन सा सुख है जो ये पा रहे है।
    न जलन न कुढ़न,
    न वैर न क्लेश है।
    बस प्यार ही बरसा रहे है,
    लगता है जैसे सांई गुण गा रहे है,
    यूं मौन खिलखिला रहे है,
    रचयिता को रिझा रहे है,
    हम प्यासे है जिस प्यार के लिए,
    लगता है वही प्यार ये पा रहे है~~~

    जय सांई राम~~~

    "लोका समस्ता सुखिनो भवन्तुः
    ॐ शन्तिः शन्तिः शन्तिः"

    " Loka Samasta Sukino Bhavantu
    Aum ShantiH ShantiH ShantiH"~~~

    May all the worlds be happy. May all the beings be happy.
    May none suffer from grief or sorrow. May peace be to all~~~

    Offline saisewika

    • Member
    • Posts: 1549
    • Blessings 33
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #81 on: September 16, 2008, 03:18:11 PM »
  • Publish
  • ॐ साईं राम

    कई बार ऐसा होता है
    बिलख बिलख कर दिल रोता है
    मैं ख़ुद पर ही झल्लाती हूँ
    मन मार कर रह जाती हूँ

    क्यूँ ना हो पाया ये साईं
    तुम ही कह दो सर्वसहाई
    जब तुम देह में थे हे दाता
    तब क्यूँ ना जन्मी मैं विधाता

    जो मैं शिर्डी वासी होती
    तुम्हें निरख कर हंसती रोती
    तव चरणों की रज मैं पाती
    दर्शन करते नहीं अघाती 

    सुप्रभात होती या रैन
    तक तक तुम्हें ना थकते नैन
    सरल साधारण सादा जीवन
    क्यूँ ना मिल पाया सहचर धन

    सुवचन नित्त सुनती तव मुख से
    जीवन कट जाता अति सुख से
    सुभक्तों की संगत पाकर
    धन्य धन्य हो जाती चाकर

    मैं भी तुमको चंवर ढुलाती
    अपनी किस्मत पर इतराती
    पश्चाताप बड़ा है भारी
    क्यूँ अब जन्मी साईं मुरारी

    काश मैं यंत्र ऐसा कोई पाऊँ
    समय चक्र को पुन: घुमाऊं
    आ पहुंचू मैं तेरे द्वारे
    साक्षात दर्शन हों न्यारे

    हाथ थाम लूँ साईं तेरा
    जनम सफल हो जाए मेरा

    जय साईं राम

    « Last Edit: September 16, 2008, 03:21:19 PM by saisewika »

    Offline saikripa.dimple

    • Member
    • Posts: 218
    • Blessings 5
    • Om Sai Ram
    Re: My dream kaash agar kaheen aisa hota
    « Reply #82 on: April 29, 2009, 12:38:23 AM »
  • Publish
  • Aao aaj hum sab milkar ye Vaada kare khudse
    Kii

     
    Jis haal me rakhe Sai , Us haal me khushi se rahenge Hum
    Sukh ho ya Dukh , Naam unka japenge har pal
    Chahe bhatkaye ye zamana
    Chahe maare jag taana
    Magar Sai Sai kahte kahte
    Jeevan gujarenge Hum

    Kuch kahna hoga gar Sai se
    Toh Shukriya hi karenge Hum

    mila hai ye jeevan toh den hai usi ki
    Usi ke liye jeevan nyochhavar karenge Hum

    Nahi hume haq rulane ka kissi ko
    Nahi hume haq satane ka kissi ko
    Gar nh kar paaye kisi ki madad toh
    Rasta use Sai Dar ka dikhlayenge Hum

    Joh bhatak gaye hai zindagi se apni
    Joh naraz hai har khushi se apni
    Joh anjaan hai Sai ki shakti se
    Unhe jeevan jeena sikhayenge Hum

    Nahi phir Sai ka dil kabhi dukhayenge Hum
    Kabhi na karenge shikwa unse
    Sada musakuraayenge Hum

    Hai yakeen mera musakurata hume dekh kar
    Sai ki Vyadha ko kam kar paynge hum

    Do Sai Aashirwaad prann ko hamare
    Saari duniyaa ko Sai se milana Chahate hai Hum

    Diya hai Jeevan Ye aapne
    Aapko hi samarpit ye jeevan karte hai hum

    Karo aisi kripa apne bachcho par
    Aa kar paas tumhare
    tumhare hi ho le Hum

    Na bhule kabhi dil Sai ko apne
    Sote Jagte Sai Japte rahe Hum


    OM SAI RAM
    Jai Sai Ram
    Sai teri "Kami" bhi hai, tera "Ehsaas" bhi hai....

    Sai tu "Door" bhi hai mujhse par "Paas" bhi hai......

    Khuda ne yun nwaza hai teri "Bhakti" se mujhko.....

    Kii.............

    Khuda ka "Shukr" bhi hai aur khud pe "Naaz" bhi hai..

     


    Facebook Comments