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Author Topic: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!  (Read 4649 times)

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Online saib

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O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
« on: August 14, 2009, 12:17:03 AM »
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  • I just love this poem. What a beautiful relation with Sai, Just sharing.

    O Sai!
    If you want to send
    Somebody in my life
    Please make sure that
    This person brings me
    Nearer to You than before

    Otherwise please don't send
    Anybody new
    As I don't want to go
    Further away from You
    I don't want anybody to come
    In between You and me

    O Sai!
    If you want to send
    Something new to me
    Please make sure that
    This thing brings me
    Nearer to You than before

    Otherwise I don't want it
    You can give to somebody else
    Who desires this more than me
    I don't want anything to
    Come in between You and me

    O Sai!
    If you want to send
    Me somewhere
    Send me to a place
    Where I am nearer to You
    From inside my heart

    Otherwise I don't want
    To go anywhere
    Where I can't remember You
    I don't want to goto any place
    That takes me away from You

    O Sai!
    If you want to give me happiness
    Please make sure that
    With it You send me some sadness
    To test my state of equanimity

    Otherwise I don't want only joy
    As it might make me
    Forget You
    I don't want any state to come
    In between You and me

    om sri sai ram!
    om sai ram!
    Anant Koti Brahmand Nayak Raja Dhi Raj Yogi Raj, Para Brahma Shri Sachidanand Satguru Sri Sai Nath Maharaj !
    Budhihin Tanu Janike, Sumiro Pavan Kumar, Bal Budhi Vidhya Dehu Mohe, Harahu Kalesa Vikar !
    ........................  बाकी सब तो सपने है, बस साईं ही तेरे अपने है, साईं ही तेरे अपने है, साईं ही तेरे अपने है !!

    Offline shirsi

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    • Jai Jai Shree Sai!
    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #1 on: August 14, 2009, 07:12:10 AM »
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  • om shree sai ram

    Very beautiful lines......
    thanks Saib ji for sharing.
    May Sai bless u always!

    om sai ram
    Jai sai ram!!
    ||om shree sai nathaya namaha||
    ***************************

    Offline Ramesh Ramnani

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      • Sai Baba
    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #2 on: August 15, 2009, 11:49:09 PM »
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  • जय सांई राम।।।
     
    ऐ मेरे हमदम,  मेरे दोस्त,  मेरे यार,
    तेरे से सीखा हम ने करना ज़िन्दगी से प्यार,
    जब से पाई है मैनें दोस्ती तेरी
    उस खुदा का शुक्रिया करता हूँ मै बार बार

    अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांई

    ॐ सांई राम।।।
    अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी

    Online saib

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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #3 on: August 21, 2009, 04:29:28 AM »
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  • जिससे भी चाही दोस्ती, उसी ने दगा दिया,
    निकल गया काम, तो झट से किनारा किया !
    हे खुदा थामा हे जबसे हाथ तुमारा
    लगता हे सारा जहाँ हमारा हुआ !
    बदल गयी दुनिया बदल गयी तक़दीर ,
    न हे अब कोई गिला न कोई शिकवा !
    बस मे हूँ और मेरे साईं ,
    बस एक यह लगन मन में हे लगाई !
    om sai ram!
    Anant Koti Brahmand Nayak Raja Dhi Raj Yogi Raj, Para Brahma Shri Sachidanand Satguru Sri Sai Nath Maharaj !
    Budhihin Tanu Janike, Sumiro Pavan Kumar, Bal Budhi Vidhya Dehu Mohe, Harahu Kalesa Vikar !
    ........................  बाकी सब तो सपने है, बस साईं ही तेरे अपने है, साईं ही तेरे अपने है, साईं ही तेरे अपने है !!

    Offline Ramesh Ramnani

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      • Sai Baba
    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #4 on: August 21, 2009, 07:59:22 AM »
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  • जय सांई राम।।।
     
    दुनिया में कहीं भी होता हो मगर,
    दोस्त का घर दूर कहाँ होता है!
    जब भी चाहूँ आवाज लगा लेता हूँ,
    क्योंकि "वो" मेरे दिल मे छुपा होता है!
    जाने कैसे "वो" दर्द मेरा जान लेता है,
    दुखों पे मेरे शायद "वो" भी कहीं रोता है!

    अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांई

    ॐ सांई राम।।।
    अपना साँई प्यारा साँई सबसे न्यारा अपना साँई - रमेश रमनानी

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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #5 on: August 22, 2009, 01:14:06 AM »
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  • छोडो दुनिया की बातें साईं
    चलो कहीं घूम कर आयें
    चंदा तारे या सितारे
    नदिया झील सब पुकारें !

    पर तुमरे द्वारे हे भीड़ बड़ी
    कितने प्यारे भक्त तुमारे
    रास्ता निहारे एक झलक को
    जनम जनम की प्यास लिए !

    में एक अदना छोटा सा मानव
    मांगू चीज में बहुत बड़ी
    साईं मेरे मुजको मिल जाये
    जीवन का हर पल खिल जाये !

    न चाहिए सोना चांदी
    न मांगू में हीरे मोती
    न अब चाहिए कोई हूर परी
    न है बची कोई अभिलाषा बड़ी !

    तो बताओ साईं क्या करना है
    कहाँ चलना है कब चलना है
    तुमारा क्या तुम तो फ़कीर
    पर मुझे करनी है तैयारी बड़ी !

    छोडो दुनिया की बातें साईं
    चलो कहीं घूम कर आयें
    चंदा तारे या सितारे
    नदिया झील सब पुकारें !

    ॐ श्री साईं राम !
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #6 on: August 23, 2009, 04:47:24 AM »
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  • सुख के साईं राम, प्यारे प्यारे साईं राम !

    खामोश है चंदा
    खामोश है तारे
    खामोश है नदिया
    खामोश सब नज़ारे
    खामोश है धरती
    खामोश गगन
    खामोश हवा
    खामोश फिजा
    खामोश है दिशाएं
    खामोश है आशाएं !

    जैसे ठहर गया है समय
    इंतजार मे,
    समस्त युग आ रुका है
    साईं के संसार मे,
    एक परिवर्तन के वास्ते !

    हर साँस थम सी गयी है 
    सुनने को गूंज साईं नाम की
    हर  नज़र उठ रही है     
    पाने को झलक साईं श्याम की !

    ॐ श्री साईं राम!
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #7 on: August 25, 2009, 05:50:24 AM »
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  • साईं में सब सुख
    बाकी सब  दुःख
    ये सत्य समज न पाया
    जीवन बस भरम में भीताया !

    मीन की चाह उड़ने की
    ऊँचा उठ गगन छुने की
    चाँद सितारों को पाने की
    गीत ख़ुशी का गाने की !

    पर मुर्ख जान न पाया
    नाता उसका जल से गहरा
    दिया "साईं" ने सागर विशाल
    अब चाहत गगन की,
    क्यों करता "साईं" का तिरस्कार
    पहचान जो दिया साईं ने
    वोह है कितना बड़ा पुरस्कार !

    क्यों मन अब तू रोता है
    सपनो में सोता है
    अब तो जान ले
    यह सत्य पहचान ले
    "साईं" ही तेरे अपने है
    बाकि सब तो सपने है !

    ॐ श्री साईं राम !
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #8 on: September 26, 2009, 03:10:29 AM »
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  • नर हो न निराश करो मन को
    - मैथिलीशरण गुप्त

    नर हो न निराश करो मन को
    कुछ काम करो कुछ काम करो
    जग में रहके निज नाम करो
    यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
    समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
    कुछ तो उपयुक्त करो तन को
    नर हो न निराश करो मन को ।

    संभलो कि सुयोग न जाए चला
    कब व्यर्थ हुआ सदुपाय भला
    समझो जग को न निरा सपना
    पथ आप प्रशस्त करो अपना
    अखिलेश्वर है अवलम्बन को
    नर हो न निराश करो मन को ।

    जब प्राप्त तुम्हें सब तत्त्व यहाँ
    फिर जा सकता वह सत्त्व कहाँ
    तुम स्वत्त्व सुधा रस पान करो
    उठके अमरत्व विधान करो
    दवरूप रहो भव कानन को
    नर हो न निराश करो मन को ।

    निज गौरव का नित ज्ञान रहे
    हम भी कुछ हैं यह ध्यान रहे
    सब जाय अभी पर मान रहे
    मरणोत्तर गुंजित गान रहे
    कुछ हो न तजो निज साधन को
    नर हो न निराश करो मन को ।
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #9 on: September 26, 2009, 03:17:39 AM »
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  • मोको कहां ढूढे रे बन्दे
    - कबीर


    मोको कहां ढूढे रे बन्दे
    मैं तो तेरे पास में

    ना तीर्थ मे ना मूर्त में
    ना एकान्त निवास में
    ना मंदिर में ना मस्जिद में
    ना काबे कैलास में

    मैं तो तेरे पास में बन्दे
    मैं तो तेरे पास में

    ना मैं जप में ना मैं तप में
    ना मैं बरत उपास में
    ना मैं किर्या कर्म में रहता
    नहिं जोग सन्यास में
    नहिं प्राण में नहिं पिंड में
    ना ब्रह्याण्ड आकाश में
    ना मैं प्रकति प्रवार गुफा में
    नहिं स्वांसों की स्वांस में

    खोजि होए तुरत मिल जाउं
    इक पल की तालाश में
    कहत कबीर सुनो भई साधो
    मैं तो हूँ विश्वास में
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #10 on: September 26, 2009, 03:34:39 AM »
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  •             कर्म

    कर्म दैविक सम्पदा का द्वार है;
    विश्व के उत्कर्ष का आधार है।

    कर्म पूजा, साधना का धाम है;
    कर्मयोगी को कहाँ विश्राम है।

    कर्म भावी योजना का न्यास है;
    सत्य-चित-आनन्द का अभ्यास है।

    कर्म जीवन का मधुरतम काव्य है;
    कर्म से ही मुक्ति भी सम्भाव्य है।

    - किरीटचन्द्र जोशी
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #11 on: March 05, 2010, 05:22:55 AM »
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  • Forgiveness
    By Narendran Sairam

    What do you do when some one hurts you?
    Do you hurt them back?
    What do you when some one steals something of yours?
    Do you hunt them down and report them?
    What do you do when people just seem sick and life just seems unfair?
    Do you go out and kill everyone?

    If you do hurt them, don't.
    If you do hunt them down and report them, don't.
    If you do feel like going out and killing everyone, don't.

    Take a minute, my friend.
    Step into the other person's shoes.
    Understand their motives.
    Feel their pain.
    Then, forgive them.

    Maybe what they did was wrong.
    Maybe what they did was unacceptable.
    Maybe what they did was painful.

    No matter what your loss,
    learn to forgive.
    Because if you can't forgive someone else,
    then you won't be able to forgive yourself.

    When circumstances force you to hurt.
    To steal. To just be a sore loser.
    When circumstances force you to do those things,
    people will not look at the situation from your shoes.
    They will not understand you motives.
    They will not feel your pain.
    Instead they will blindly return the favor.

    You will then realize, that
    that the world is what we
    choose to make of it.
    That you can change
    and with you, the world.

    You will be superior
    because you understand the people.
    Your understand their minds.
    You understand their thinking.
    You will know how to live happily ever after.

    All you need to do is say “I forgive you” and forget.
    Thats all you have to do.
    Forgive.
    om sai ram!
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    Re: O My Dear Sai Accept my Little Prayer!
    « Reply #12 on: May 20, 2010, 08:30:03 AM »
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  • Walk With Me Lord
    When things go wrong
    When I'm lonely, discouraged
    And my heart has no song.
    Walk With Me Lord

    When nothing seems right
    When tears fill my eyes
    Both day and night.
    Walk With Me Lord

    And please keep me strong
    Help me remember my blessings
    All the day long.
    Walk With Me Lord

    Let me know You are here
    Guide and protect me
    And chase away fear.
    Walk With Me Lord

    Help me never to stray
    Show me You love me
    And don't turn away.
    Walk With Me Lord

    'Till my life on earth is through
    Then take me to heaven
    To spend eternity with You.
     
    - Veronica Washington
    om sai ram!
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