June 19, 2013, 10:09:22 PM



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Author Topic: Shirdi Sai Baba - Bhajan  (Read 53098 times)
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PiyaGolu
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ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ


« Reply #60 on: June 25, 2012, 10:47:25 PM »

ॐ साईं राम!!!

अवतार लिया मेरे साईं ने



अवतार लिया मेरे साईं ने
साईं ने मेरे साईं ने
शिर्डी तभी तीरथ कहलाई
प्यार की भाषा साईं ने
हिन्दू मुस्लिम को सिखलाई
 
हिन्दू मुस्लिम का एक जगह
यूँ प्रेम से रहना मुश्किल था
मानव को मानवता का
यूँ पाठ पढ़ाना मुश्किल था
 
फिर रूप धर के भिखारी  का
फिर रूप धर के भिखारी  का
बाबा ने किया था सब का भला
झोली में भिक्षा डलवाकर
जीने की सिखाई अनोखी कला
 
साईं चरणों में जो भी जुड़ा
संसार से वो फिर तर ही गया
साईं के नाम से जो भी जुड़े
साईं उनका कल्याण करे
साईं उनका कल्याण करे
 ॐ साईं ॐ, ॐ साईं ॐ, साईं ॐ
 
है प्रेम ही जिसका धर्म सदा
गुणगान उसी का गाता हूँ
साईं का मै मतवाला हूँ ,साईं की बात सुनाता हूँ
हिन्दू मुस्लिम का भेद नहीं
यहाँ धर्म ही मानवता का  है
यहाँ ऊँचा  नीचा कोई नहीं
साईं झोलियाँ सबकी भरता है
मेरे साईं के जैसा कोई नहीं
मेरे साईं के जैसा कोई नहीं
मै प्यार, मै प्यार उसी से पाता हूँ
साईं का मै मतवाला हूँ
साईं की बात सुनाता हूँ
है प्रेम ही जिसका धर्म सदा
 
दर्शन पाना गर चाहो तो
मन में  श्रद्धा सबुरी रख लो
हर प्राणी से तुम  प्रेम करो
जिह्वा से साईं नाम रटो
जब भी देखूं साईं मूरत
जब भी देखूं साईं मूरत
मै मन ही मन, मै मन ही मन मुस्काता हूँ
साईं का मै मतवाला हूँ
साईं की बात सुनाता हूँ
ॐ साईं ॐ, ॐ साईं ॐ, साईं ॐ
 
कभी शिर्डी जाकर देखो  तुम
मेरे साईं सभी को बुलाते हैं
बड़े बड़े पापी भी वहां
भव सागर से तर जाते हैं
मस्जिद माई का ध्यान करूँ
मस्जिद माई का ध्यान करूँ
दर्शन साईं के पाता हूँ
साईं का मै मतवाला हूँ
साईं की बात सुनाता हूँ
ॐ साईं ॐ, ॐ साईं ॐ, साईं ॐ

|| श्री साईंनाथ  महाराज  की  जय ||




ॐ साईं राम, श्री साईं राम, जय जय साईं राम!!!
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ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ


« Reply #61 on: June 29, 2012, 11:28:47 PM »

ॐ साईं राम!!!

जब जब तुम्हे पुकारा



जब जब तुम्हे पुकारा
मुझे देख मुस्कुराये
मेरे साईं चले आये
जब कहर की आंधी आई
और कदम डगमगाए
मेरे साईं चले आये
मेरे बाबा चले आये
 
मेरे साईं जब भी मैंने
तनहा खुद को पाया
तुने ही सर पे मेरे
बनाया अपना साया
जब घोर तूफां आये
और दिल मेरा घबराये
मेरे साईं चले आये
मेरे साईं चले आये
 
दर्शन की जब तमन्ना
मुझे हर घडी सताए
भक्ति की राह पर जब
कदम चल न पाए
कभी राम बन के आये
कभी शाम बन के आये
मेरे बाबा चले आये
मेरे बाबा चले आये

माया की डंकिनी ने
जब जब मुझे सताया
मुझे अपनी ओर खींचकर
मेरे क़दमों को भटकाया
कभी संत बन के आये
या फकीर बन के आये
मेरे साईं चले आये
मेरे साईं चले आये

|| श्री साईंनाथ  महाराज  की  जय ||




ॐ साईं राम, श्री साईं राम, जय जय साईं राम!!!
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"नानक नाम चढदी कला, तेरे पहाणे सर्वद दा भला "
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« Reply #62 on: July 03, 2012, 09:31:49 PM »

!! ॐ साईं राम !!



बढता जाता है कुछ अजीब सा एहसास, नहीं कोई भी मेरे साथ,
बस एक तेरी दिल को आस,
मेरे सांई मेरे बाबा.....कहां हो तुम....

छूटता जाता है कुछ रिश्तों का साथ, नहीं बढ़ाता कोई अपना हाथ,
बस एक तेरी ही नज़र की प्यास,
मेरे सांई मेरे बाबा....कहां हो तुम....

दिखाई देती है हर खुशी भी उदास, रूकी-रूकी सी आती है हर सांस~
बस एक तेरी ही है तलाश,
मेरे सांई मेरे बाबा....कहां हो तुम....


!! सबका मालिक एक !!
!! ॐ साईं राम !!
« Last Edit: July 03, 2012, 10:11:42 PM by PiyaGolu » Logged

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« Reply #63 on: August 08, 2012, 01:22:00 AM »

ॐ साईं राम!!!

पत्थर पर बैठे है मेरे साँई बाबा



पत्थर पर बैठे है मेरे साँई बाबा
यही पर है काशी, मथुरा और काबा
पत्थर पर बैठे है मेरे साँई बाबा
सबका है दाता, साँई भाग्य विधाता
हाथ मे कांसा और फता लिबासा
तेरा यही रूप साँई हमें है रिझाता
यही पर है काशी, मथुरा और काबा
पत्थर पर बैठे है मेरे साँई बाबा
अपने बच्चो को तुने, दिया आशियाना
नीम को बनाया तुने, अपना ठिकाना
तेरी इसी सादगी का, हुआ मै दीवाना
यही पर है काशी, मथुरा और काबा
पत्थर पर बैठे है, मेरे साँई बाबा
कैसे मैं सुनाँऊ, मै तो बोल भी ना पाता
छोटी है ज़ुबान, ऊँची तेरी गाथा
बस ये पुकार मेरी, सुन लो ओ दाता
जन्म जन्म का साँई राखो, हमसे नाता
यही पर है काशी, मथुरा और काबा
पत्थर पर बैठे है मेरे साँई बाबा


भूख प्यास जब तुम्हे सताये
ज़ीव जंतु को भी ध्यान मे लाये
भोजन जल यदि भोग लगाये
थोड़ा उनके लिये बनाये
खाये पियेंगे वे जब आप खिलाये
बाबा जी के मन को भी आप भाये।


ॐ साईं राम, श्री साईं राम, जय जय साईं राम!!!
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« Reply #64 on: September 10, 2012, 01:10:56 AM »

ॐ साईं राम!!!

मैं हूँ मजबूर मेरे हाथ बंधे




मैं हूँ मजबूर मेरे हाथ बंधे, होंठ सिले .
पत्ता-पत्ता भी यहाँ का वो हिलाए,तो हिले ..

मेरे साई से है सिर्फ एक तमन्ना मेरी .
मुझको कुछ होश ना हो फिर भी मुझे आन मिले ..
पत्ता-पत्ता भी .....

तेरे पास आके में दुनिया के सितम भूल गया .
ये भी तेरा करम दिल में है शिकवे ना गिले ..
पत्ता-पत्ता भी .....

मैं ने हर हाल में खामोश इबादत की है .
मैं ने मांगे हैं कहाँ अपनी वफाओ के सिले ..
पत्ता-पत्ता भी .....

एक दिन धूप जला देगी हर इक पत्ती को .
नासमझ बनके अगर फुल को खिलना है, खिले ..
पत्ता-पत्ता भी .....

|| श्री साईंनाथ  महाराज  की  जय ||





ॐ साईं राम, श्री साईं राम, जय जय साईं राम!!!
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« Reply #65 on: October 16, 2012, 01:40:16 AM »

ॐ साईं राम!!!

जब दिल उदास हो तो, साईं का नाम लेना



जब दिल उदास हो तो, साईं का नाम लेना
जीवन सूना लगे तो, साईं का नाम लेना
जब दिल उदास हो तो, साईं का नाम लेना
जीवन सूना लगे तो, साईं का नाम लेना


जीवन का हर एक दिन तो, रौशन नहीं होता
जब शाम नज़र आये तो, साईं का नाम लेना
जब दिल उदास हो तो, साईं का नाम लेना
जीवन सूना लगे तो, साईं का नाम लेना

इस घट का क्या भरोसा, ये कभी भी छूट जाए
जब आखिरी साँस चले तो साईं का नाम लेना
जब दिल उदास हो तो, साईं का नाम लेना
जीवन सूना लगे तो, साईं का नाम लेना

|| श्री साईंनाथ  महाराज  की  जय ||





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« Reply #66 on: December 11, 2012, 01:31:57 AM »

ॐ साईं राम!!!

साई तू सबका भाग्य विधाता



हे दुःख भंजन हे साई राम
पतित पावन है तेरा नाम
पतित पावन है तेरा नाम
सबका मालिक तू साई राम
है दुःख भंजन हे साईराम


इस दुनिया का तू है दाता
साई तू सबका भाग्य विधाता
घट घट का तू जनन्हारा
साई तू सबका पालनहारा
क्या दुर्बल और क्या बलवान
सबका मालिक तू साईराम
पतित पावन है तेरा नाम
हे दुःख भंजन हे साईराम

सबका के लिए तेरी दया का ख़जाना
सब तेरे अपने कोइना बेगाना
भूखे को भोजन प्यासे को पानी
देते तुम्ही हों साई महा दानी
क्या निर्धन और क्या धनवान
सबका मालिक तू साई राम
पतित पावन है तेरा नाम
हे दुःख भंजन हे साईराम

साई तेरे चरणों में झुक कर देखा
बदलते तुम हों भाग्य की रेखा
मिटटी को छूकर सोना हों करते ,
गागर में साई सागर भरते
परम पिता तुम हम सन्तान
सबका मालिक तू साईराम
पतित पावन है तेरा नाम
हे दुःख भंजन हे साईराम

खेल खिलौने जगत के सारे
तुम हों सबके सब है तुम्हारे
तेरे लिए कोई गैर न साई
तेरा किसी से बैर नही साई
तेरे लिए सब एक समान
सबका मालिक तू साईराम
पतित पावन है तेरा नाम
हे दुःख भंजन हे साईराम

|| श्री साईंनाथ  महाराज  की  जय ||


===ॐ साईं, श्री साईं, जय जय साईं ===
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"नानक नाम चढदी कला, तेरे पहाणे सर्वद दा भला "
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« Reply #67 on: April 02, 2013, 02:05:57 AM »

धरती पे शिर्डी जैसे अयोध्या, जैसे है वृन्दावन
अवधपति श्री राम हैं, साईं गोकुल के मनमोहन
साईं राम साईं श्याम साईं राम साईं श्याम  -2

राम भजन जब मन में होता, बन के राम आते हो
कृष्ण भजन जब मन में होता, बन के श्याम आते हो
भक्ति करो मन शक्ति मिलेगी, मन से करो रे पूजन
अवधपति श्री राम हैं, साईं गोकुल के मनमोहन
साईं राम साईं श्याम साईं राम साईं श्याम  -2

साईं का दर्शन साईं का कीर्तन, जब मनवा है करता
श्रद्धा की गँगा भक्ति की यमुना का, संगम तब ही होता
जप जप साईं जय जय साईं, मनवा करो रे भजन
अवधपति श्री राम हैं, साईं गोकुल के मनमोहन
साईं राम साईं श्याम साईं राम साईं श्याम  -2

जय जगदीश्वर जय परमेश्वर, मन करता जयकारा
श्रीचरणों का ध्यान करूँ तो, हो कल्याण हमारा
जप मन सदगुरु साईं सदगुरु, साईं करेंगे पावन
अवधपति श्री राम हैं, साईं गोकुल के मनमोहन
साईं राम साईं श्याम साईं राम साईं श्याम  -2

धरती पे शिर्डी जैसे अयोध्या, जैसे है वृन्दावन
अवधपति श्री राम हैं, साईं गोकुल के मनमोहन
साईं राम साईं श्याम साईं राम साईं श्याम  -2
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jravi
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« Reply #68 on: April 10, 2013, 03:43:26 AM »

साईं बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
सारे जग में है सच्चा साईं द्वारा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
मेरे बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
 
हर पथ में तुम चलते जाना ॐ साईं श्री साईं कहते जाना
साईं बाबा ने जग सारा तारा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
साईं बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के


सच्चे मन से ज्योत जगा ले साईं विभूति तन से लगा ले
कट जायेगा कष्ट तुम्हारा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
साईं बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के


लीला कैसी साईं ने रचाई मस्जिद द्वारिकामाई में बनाई
जिसके चरणों में झुके जग सारा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
साईं बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के


साईं बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
सारे जग में है सच्चा साईं द्वारा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के
मेरे बाबा ने भेजा है बुलावा जयकारे बोलो रज्ज रज्ज के

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साईं अपने पवित्र चरणकमल ही हमारी एकमात्र शरण है!


« Reply #69 on: May 27, 2013, 09:02:06 PM »


ॐ साईं राम!!!

जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है, ......






जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,
उड़ना उसी दिशा में, साईं ले जाये जिस ओर है,

मोह माया की आँधी से, पतंग को हमें बचाना है,
उड़ाने वाले के संग हमें, साँची प्रीत लगाना है,
... कट कर नीचे गिर सकती है, डोर अगर कमजोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,

डोर पकड़कर साईं ने, मुझे ऊँचा बहुत पहुँचाया है,
सफल हो गया जन्म मेरा, मन मेरा यह गया है,
झूम झूम कर उड़ने लगा मैं, नाचा मेरे मन का मोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,

एक दिन साईं ने डोर खींची, मुझको नीचे उतार लिया,
यह क्या किया मेरे साईं ने सोच कर मैं घबरा गया,
गिला किया , में रूठ गया, मैंने मचाया बहुत शोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,

उड़ता था मैं बडे मजे में, ये सोचकर मैं ऊपर ताकने लगा,
वो भी क्या दिन थे मेरे, सोच सोच के मैं तड़पने लगा,
ये क्या देख रहा हूँ नभ पे, छाई घटा घनघोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,
 
बारिश आने से पहले, मेरे साईं ने मुझे बचाया है,
क्यों न जान सका मैं पहले, ये भी उसकी माया है,
हाय ! मैंने क्यों ऐसा सोचा, साईं मेरा कठोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है,

हाथ जोड़कर विनती है, मेरे साईं मुझपर दया करो,
जीवन की पतंग में साईं, श्रद्धा सबुरी का रंग भरो,
डोर को इतना पक्का कर दो, रहे न इसका तोड़ है,
जीवन एक पतंग, और साईं हाथ में डोर है

बाबा की कृपा हम सब पर बनी रहे!


|| श्री सच्चीदानंद समर्थ सदगुरू सांईनाथ महाराज की जय ||



ॐ साईं राम, श्री साईं राम, जय जय साईं राम!!!



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HELP EVER, HURT NEVER!!!  Cheesy

You can make the world a better place by simply making yourself a happier person.
If you see someone without a smile, give them one of yours. Here's one to get you started
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बाबा मुझे अपने ह्र्दय से लगा लो, मुझे अपने पास बुला लो।
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« Reply #70 on: June 05, 2013, 03:15:47 AM »

तू ही साईंनाथ तू ही शम्भू, है राम तू ही रहीम भी तू
तेरे हज़ारों हैं नाम कण कण में है तेरा धाम  करूँ बाबा तुझे मैं प्रणाम
तू ही साईंनाथ तू ही शम्भू, है राम तू ही रहीम भी तू

जो भी तेरे दर आ गया माँगा है जो वो पा गया
चौखट से तेरी ओ दाता कभी खाली न कोई गया
ऊँची तेरी शान है सबका तुझे ध्यान है सार जग तेरी सन्तान है
तू ही साईंनाथ तू ही शम्भू, है राम तू ही रहीम भी तू

साईं करुणा का सागर है तू रहमत भरी गागर है तू
तेरा नहीं कोई सानी पीरों का भी पैगम्बर है तू
जिसपे तेरा हाथ है तू जिसके भी साथ है उसकी क़िस्मत की क्या बात है
तू ही साईंनाथ तू ही शम्भू, है राम तू ही रहीम भी तू


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